“द फैमिली मैन 3: थ्रिल, इमोशन, एक्शन… सब कुछ, बस सुकून छूट गया पीछे”
लंबे इंतज़ार, अनगिनत फ़ैन थ्योरीज़ और सोशल मीडिया पर महीनों से चली चर्चाओं के बाद आखिरकार “‘द फैमिली मैन’ सीज़न 3” दर्शकों के सामने आ ही गया। पहले दो सीज़न की जबरदस्त लोकप्रियता ने दर्शकों की उम्मीदें पहले से ही बहुत ऊँची कर दी थीं। ऐसे में हर कोई यह जानने को उत्सुक था कि श्रीकांत तिवारी की जिंदगी में इस बार क्या नया होने वाला है।
सीज़न शुरू होते ही महसूस हो जाता है कि इस बार कहानी का स्केल बड़ा है—सीन बड़े हैं, शूटिंग लोकेशन दमदार हैं और हर एपिसोड में कुछ नया और चौंकाने वाला देखने को मिलता है। लेकिन इसी बढ़े हुए स्तर के साथ कुछ कमियाँ भी दिखाई देती हैं, जिन पर सीरीज़ ठोकर खाती नज़र आती है।
“कहानी: कई पटरी, कई किरदार—और बीच में खोती हुई भावनाएँ”
सीज़न 3 की कहानी कई ट्रैक्स पर एक साथ चलती है। यह एक तरफ सीक्रेट मिशन जैसे तनाव से भरी कहानी है, तो दूसरी ओर श्रीकांत की जटिल पारिवारिक जिंदगी भी दिखाती है।
“श्रीकांत का फैमिली ट्रैक”, जहाँ उसकी असल नौकरी का खुलासा घर वालों को होता है—इन सीन्स में ह्यूमर भी है और भावनाएँ भी।
“नागालैंड के कोहिमा में चल रही ड्रग तस्करी”, जो इस बार की मुख्य साज़िशों में से एक है। लोकेशन और माहौल कहानी में एक अलग तीखापन जोड़ते हैं।
“जयदीप अहलावत द्वारा निभाया गया रुकमा”, एक ऐसा किरदार जिसे कम स्क्रीन टाइम के बावजूद भुलाया नहीं जा सकता।
“मीरा (निमरत कौर)” का ट्रैक, जो कहानी में एक नई दिशा और नई जटिलता लाता है।
“इसके साथ ही “राष्ट्रीय राजनीति”, सुरक्षा एजेंसियों की अंदरूनी राजनीति और इंटरनेशनल एंगल—सब कुछ एक साथ पिरोने की कोशिश की गई है।”
सीज़न की शुरुआत मज़ेदार है। खासकर जब श्रीकांत की दोहरी जिंदगी के खुलासे पर परिवार की उलझनें और प्रतिक्रियाएँ दिखाई जाती हैं—ये पल देखने में बेहद रोचक लगते हैं। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, वही भावुकता कई जगहों पर “थोड़ा ओवरड्रामैटिक** महसूस होने लगती है।
बीच-बीच में जब कहानी भारी होने लगती है, तब “श्रीकांत–जेके की जोड़ी” अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से माहौल हल्का कर देती है। ये दोनों जब भी स्क्रीन पर आते हैं, ऊर्जा तुरंत बदल जाती है।
सब कुछ ठीक चलता है, लेकिन “फिनाले पर पहुँचते-पहुँचते कहानी लड़खड़ा जाती है।”
सीज़न का अंत ऐसा लगता है जैसे 6 घंटे तक दौड़ने के बाद मंज़िल मिलने के बजाय रास्ता बीच में ही ख़त्म कर दिया गया हो। जो सवाल पूरे सीज़न उठते हैं, उनके जवाब न मिल पाना निराश करता है।
अभिनय: मनोज–शारिब की जोड़ी दमदार, जयदीप तो शो चुरा ले जाते हैं
मनोज बाजपेयी इस सीज़न में भी साबित कर देते हैं कि श्रीकांत तिवारी जैसा सूक्ष्म, जटिल और बहुमुखी किरदार वही निभा सकते हैं।
कॉमिक टाइमिंग
इमोशनल सीन्स
और सीरियस इंटेलिजेंस ऑफिसर वाली बॉडी लैंग्वेज
सब कुछ वैसा ही परफेक्ट है जैसा दर्शक उनसे उम्मीद करते हैं।
“शारिब हाशमी (जेके)” के साथ उनकी केमिस्ट्री एक बार फिर शो की जान बन जाती है। दोनों की दोस्ती, नोंक–झोंक और हल्के-फुल्के सीन्स सीरीज को ज़िंदा रखते हैं।
लेकिन इस बार की सबसे बड़ी और सुखद सरप्राइज हैं—
जयदीप अहलावत!
रुकमा के रूप में उनका स्क्रीन प्रेज़ेंस हर बार दर्शकों को बांधे रखता है। कम डायलॉग्स, भारी-भरकम अंदाज़ और गजब की अभिव्यक्ति—यह किरदार आगामी सीज़न में बड़ा विस्फोटक साबित हो सकता है, इसका संकेत स्पष्ट दिखता है।
“प्रियामणी हमेशा” की तरह मजबूत हैं।
“निमरत कौर” अपनी नई भूमिका में छाप छोड़ती हैं।
बाकी सह कलाकार भी अपने हिस्से का योगदान बखूबी निभाते हैं।
“निर्देशन: खूबसूरत विजुअल्स, लेकिन कहानी समेटने में कमी”
राज और डीके का निर्देशन और सिनेमैटोग्राफी इस बार भी बेहतरीन है। नॉर्थ ईस्ट के पहाड़, जंगल और लोकल कल्चर को जिस खूबसूरती से फिल्माया गया है, वह देखने लायक है। एक्शन सीन्स में कैमरा वर्क शानदार है।
लेकिन कमजोरी वहीं दिखती है जहाँ दर्शक उम्मीद करते हैं—
“कहानी को ठीक तरह से एंड करना।”
इतने बड़े और जटिल प्लॉट को खोलने के बाद उसे अधूरा छोड़ देना दर्शकों के दिल में खालीपन छोड़ देता है। फिनाले ऐसा लगता है जैसे सिर्फ अगले सीज़न की तैयारी के लिए बनाया गया हो, न कि इस सीज़न को पूरा करने के लिए।
“तकनीकी पक्ष: टॉप क्वालिटी—एक्शन, सिनेमैटोग्राफी, संगीत सब दमदार”
सीरीज का टेक्निकल डिपार्टमेंट हमेशा की तरह मजबूत है।
वन-टेक शॉट्स
डार्क और एडवेंचरस सीन्स
क्रिस्प एक्शन सीक्वेंसेज़
बैकग्राउंड म्यूजिक का सही इस्तेमाल
हर चीज़ सीरीज को विजुअली और इमोशनली रिच बनाती है।
“देखनी चाहिए या नहीं?”
अगर आप ‘द फैमिली मैन’ के फैन हैं तो यह सीज़न किसी भी हालत में मिस नहीं कर सकते।
श्रीकांत–जेके की जोड़ी, दमदार अभिनय और नए किरदारों की एंट्री इसे देखने लायक बनाती है।
“बस ध्यान रखें—फिनाले आपको अधूरा और थोड़ा निराश छोड़ सकता है।”
लेकिन फिर भी, पूरी सीरीज एंटरटेन करती है और आगे के सीज़न के लिए उत्सुकता जरूर जगाती है।
